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तातापानी

बलरामपुर जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित है तातापानी जो प्राकृतिक रूप से निकलते गरम पानी के लिए प्रदेशभर में प्रसिद्ध है। यहां के कुण्डों व झरनों में धरातल से बारह माह गरम पानी प्रवाह करता रहता है। स्थानीय भाषा में ष्ताताष् का अर्थ होता है गरम। इसी लिए इस स्थल का नाम तातापानी रखा गया है। यहां ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री राम ने खेल खेल में सीता जी की और पथ्थर फेका जो की सीता मां के हाथ में रखे गरम तेल के कटोरे से जा टकराया। गरम तेल छलक कर धरती पर गिरा एवं जहां जहां तेल की बूंदें पडी वहां से गरम पानी धरती से फूटकर निकलने लगा। स्थानीय लोग यहां की धरती पवित्र मानते हैं एवं कहा जाता है कि यहां गरम पानी से स्नान करने से सभी चरम रोग खत्म हो जाते हैं। इस अद्भुत दृश्य को देखने एवं गरम पानी का मजा लेने प्रदेशभर से लोग यहां आते हैं। यहां के शिव मंदिर में लगभग चार सै वर्ष पुरानी मूर्ति स्थपित है जिसकी पूजा करने हर वर्ष मकर संक्रान्ति के पर्व पर लाखों की संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। इस दौरान यहां विशाल मेला आयोजित किया जाता है जिसमें पर्यटक झूलों, मीना बज़ार व अन्य दूकानों का मज़ा ले सकते हैं।

फोटो गैलरी

  • भगवान् शिव की 60 फीट ऊंची मूर्ति
    भगवान शिव

कैसे पहुंचें:

हवाई जहाज द्वारा

स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़ या बिरसा मुंडा हवाई अड्डे, रांची, झारखंड पहुंचें और सड़क मार्ग द्वारा बलरामपुर पहुंचें।

ट्रेन द्वारा

यह अंबिकापुर रेलवे स्टेशन से 92 किमी दूर है और गढ़वा रोड रेलवे स्टेशन से 72 किमी दूर है

सड़क के द्वारा

तातपानी अंबिकापुर-गढ़वा राष्ट्रीय राजमार्ग 343 पर बलरामपुर जिले में स्थित है। तातापानी पर्यटक स्थल बलरामपुर से 12 किमी दूर है।